कुछ ना होगा,
बस कुछ तमाशा होगा, सहानुभूति होगी और कुछ ना होगा।
हां एक बात जरूर होगी,
मीडिया, सरकार, सरकारी तंत्र की सनसनी होगी,
कुछ आरोप, कुछ प्रत्यारोप के गरम बाज़ार गर्म होंगे।
हम भी कुछ ना करेंगे,
बस अपनी संवेदनाओं से भरे लेख लिखेंगे,
और आहत से भरे दिल से कुछ लेख देखेंगे।
कोई गुनहगार थोड़ी है,
बस सबकी अपनी सत्ता है,
सबके अपने पाले हुए लोग हैं,
हां एक बात हैं,
समाज में कुछ ऐसे लोग हैं,
जो हैं तो सामाजिक, परंतु रखते घृणित सोच हैं।
क्या पता आप और हम उनमें से एक हैं।
Rape is not an incident, its someone's story...
Story of Death.
Story of fear.
Story of tourture.
Story of injustice.
Story of self-respect.
RIP Humanity.
RIP Government.
RIP Media.
RIP This Post.
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